रंडी बहनों की एक साथ चुदाई

प्रेषक : रॉकी …

हैल्लो दोस्तों, में पहली बार स्टोरी लिख रहा हूँ, में पिछले 1 साल से कामुकता  डॉट कॉम की रेग्युलर स्टोरी पढ़ रहा हूँ। इन सबके एक्सपीरियन्स पढ़कर मुझे बहुत आनंद मिला तो मुझे भी लगा कि में भी अपनी स्टोरी सबके साथ शेयर करूँ। में अभी 22 साल का हूँ और ये कहानी तब की है, जब में करीब 18 या 19 साल का था। मेरा नाम रॉकी है और हम सब जॉइंट फेमिली में रहते है। अब में आपका समय ख़राब ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी स्टार्ट करता हूँ। यह एक दिन की बात है, जब मेरी दादी ने मुझे बहुत मारा था। हमारे घर के बाजू में एक अंकल रहते है, उनके 4 लड़कियाँ है और दो लड़के है। ये उस रात की करीब 8 बजे की बात है। फिर वो अंकल और आंटी मुझे उनके घर बाजू में ले गये, तो मैंने वहाँ खाना भी नहीं खाया और रोते-रोते वहाँ पर ही सो गया। अंकल का तीन मंजिल का घर है, नीचे उनकी चार लड़कियाँ और सेकेंड फ्लोर पर अंकल-आंटी और थर्ड फ्लोर पर उनके दो लड़के रहते थे। उनका तीन फ्लोर का मकान होने के बावजूद रूम छोटे-छोटे है।

अब में जिस रूम में सोया था वहाँ नीचे किचन अटैच्ड है और वहीं रूम में उनकी चार लड़कियाँ सोती है। तो रात में 12 बजे मेरी आँख खुली, में कभी भी अपने घर से बाहर नहीं सोया था तो मैंने देखा कि मेरे बाजू में अंकल की दूसरे नंबर की लड़की रक्षा, मेरे बाजू में सो रही थी और मेरी दूसरी साईड उनकी बड़ी लड़की सोनल सो रही थी और दूसरी दो संध्या और पिंकी रक्षा के बाजू में सो रही थी। सोनल उस वक़्त 24 साल की, रक्षा 22 साल की होगी, संध्या और पिंकी 20 साल और 19 साल की होगी। उस रात मेरा फर्स्ट सेक्स जिसके साथ हुआ, वो रक्षा और सोनल थी।

सोनल दिखने में गोरी और रक्षा सांवली है, लेकिन वो दोनों ही कयामत है। सोनल की फिगर उस वक़्त 38-29-38 साईज होगी और रक्षा की उससे कम 34-26-36 साईज होगी। वो दोनों ही नाइटी पहनकर मेरे बाजू में सो रही थी। अब में थोड़ा सा भी हिलता तो उन्हें मेरा शरीर का कोई भी अंग लग जाए इसलिए फिर में उठा नहीं और थोड़ी देर तक वैसे ही पड़ा रहा। उस वक़्त मेरे दिल में उनके लिए कोई खराब विचार नहीं थे। फिर थोड़ी देर के बाद मुझे नींद आ गयी। फिर रात के करीब 2 बजे होंगे। उस वक़्त मुझे कुछ महसूस हुआ तो मेरी आँख खुल गयी तो मुझे ऐसा लगा जैसे कोई मुझे टच कर रहा है। तो मैंने देखा कि मेरा लंड बाहर था और एकदम टाईट होकर खड़ा था। फिर मैंने उन दोनों की तरफ देखा, तो सोनल और रक्षा सो रही थी। फिर मुझे लगा कि ये रक्षा ने किया है, क्योंकि उसकी अदाए पहले से बहुत सेक्सी थी और वो ओपन माइंड बात करती थी, लेकिन मैंने कुछ नहीं किया और वापस से अपने लंड को अंदर करके सोने की एक्टिंग करने लगा।

फिर थोड़ी देर के बाद फिर से मेरे लंड को मेरी पेंट के ऊपर से कोई टच कर रहा हो ऐसा लगा, लेकिन मैंने कोई जवाब नहीं दिया क्योंकि इस बार में रंगे हाथ पकड़ना चाहता था। फिर मेरी पेंट की चैन खोली और मेरा लंड बाहर निकालकर सहलाना शुरू किया तो मैंने सीधे ही हाथ पकड़ लिया और देखा तो वो रक्षा ही थी। अब वो मेरे सामने देखकर शर्मा गयी थी, लेकिन वो इतनी हवस में थी कि अपने आप पर काबू भी नहीं कर सकी। फिर वो मेरे सामने देखकर सेक्सी स्टाइल में मुस्कुराई और मेरा हाथ पकड़कर उसके बूब्स पर रख दिया। अब में उसके बूब्स दबा रहा था। फिर वो नीचे आकर मेरे लंड को सक करने लगी और ज़ोर-ज़ोर से मेरे लंड को चूसने लगी, जिससे कमरे में थोड़ी आवाज़ भी हो रही थी, जिससे सोनल जाग गयी और चुपचाप देखने लगी थी। अब रक्षा को तो पता ही नहीं था कि सोनल उठ गयी है और यह सब देख रही है। सोनल का स्वाभाव लाल मिर्ची जैसा था। अब में तो डर गया था और मुझे लगा कि वो सब को उठा देगी, लेकिन मैंने कुछ उल्टा ही पाया। अब वो भी अपनी चूत को सहलाने लगी थी।

फिर मेरी और सोनल की नज़रे मिली और फिर उसने अपनी नाइटी मेरे सामने ही निकाली और अब वो सिर्फ़ पेंटी और ब्रा में थी। फिर वो मेरे और करीब आई और मुझे चूमने लगी। फिर सोनल ने मेरी टी-शर्ट उतारी और मेरी छाती पर पागलों की तरह किस करने लगी। अब एक तरफ रक्षा ज़ोर-ज़ोर से सक करने लगी थी, तो में काबू से बाहर होने लगा था। अब में भी अपने पूरे जोश में आ चुका था, अब में सोनल के बूब्स दबाने लगा था। फिर जैसे ही मैंने ज़ोर से उसके बूब्स को दबाया, तो उसके मुँह में से हल्की सी आवाज़ निकल गयी। अब ब्लेक ब्रा में बँधे हुए उसके बूब्स क्या कयामत ढा रहे थे? अब मुझे एक तरफ करीना और बिपाशा दोनों का मजा मिल रहा था। ये मेरे साथ फर्स्ट टाईम हो रहा था, अब में इतना उत्तेजित हो गया कि मेरा पूरा बदन काँप रहा था।

फिर में सोनल से चिपक गया और उससे बोला कि मुझे कुछ अजीब सा लग रहा है, मेरा पूरा बदन काँप रहा है। तो वो समझ गयी कि में झड़ने वाला हूँ, तो उसने रक्षा के कान में कुछ कहा। तो फिर रक्षा ने सक करने की स्पीड बढ़ा ली और स्पीड में अंदर बाहर करने लगी। फिर सोनल मेरे पास आई और बोली कि घबराओ मत अभी ठीक हो जाएंगा और फिर उसने अपनी ब्रा और पेंटी भी निकाल दी, तो ये देखकर तो में और पागल हो गया। फिर उसने मुझसे बूब्स सक करने को कहा तो में उसके बूब्स को सक करने लगा और वो अपनी चूत को सहलाने लगी। अब में उसके बूब्स को ज़ोर-जोर से सक करने लगा था। अब सोनल मौन करने लगी थी, अब उसके मुँह में से ऊऊओह, आअहह जैसी आवाज़ निकलने लगी थी। फिर वो मेरे कान के पास आकर ज़ोर से सक करने को बोली तो में और ज़ोर जोर से सक करने लगा। फिर उसने मेरा हाथ पकड़ा और उसकी चूत के पास ले गयी और फिर मुझसे बोली कि अपनी उंगली को अंदर बाहर करो, तो मैंने वैसे ही किया। अब एक तरफ रक्षा सक करने में मस्त थी और में सोनल के बूब्स सक करने में मस्त था।

अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, अब मुझे सोनल का मौन और पागल कर रहा था। अब मेरे पूरे जिस्म में फिर से आग लगने लगी थी और मुझे ऐसा लगा कि मेरे लंड से पानी निकलने वाला है तो मैंने सोनल से कहा कि मुझे लगता है कि मेरे लंड में से कुछ निकलने वाला है। तो उसने कहा कि तुम मेरी चूत में अपनी उंगली स्पीड में अंदर बाहर करो। अब वो भी झड़ने वाली थी तो मैंने भी वैसे ही किया जैसा कि उसने बोला। अब वो मौन करती जा रही थी ओह, आआआहह और साथ में बोल रही थी और जल्दी-जल्दी, हाईईईईईईई माँ, अब बर्दाश्त नहीं होता, आआआ और ऐसे कहते-कहते वो झड़ गयी और में भी रक्षा के मुँह में ही झड़ गया। शायद उस रात को चूत के दर्शन करने का किस्मत में नहीं था। अंकल और आंटी को कही जाने का था तो वो रात को ही उठ गये और नीचे रूम खोलने के लिए लॉक किया। तो में वहाँ पर ही लेट गया और रक्षा भी लेट गयी और फिर सोनल ने दरवाजा खोला। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मेरी आँख लग गयी और मुझे कुछ पता ही नहीं चला और में कब सो गया? फिर जब में सुबह उठा और देखा तो 8 बजे थे और सब उठ चुके थे। तो में उठकर सीधा मेरे घर पर चला गया और जाकर वापस सो गया और फिर 10 बजे उठा और नहाकर क्रिकेट खेलने चला गया। फिर दोपहर में करीब 2 बजे में घर पर आया और खा पीकर फ्रेश होकर बाहर निकला। तो सेकेंड फ्लोर पर से रक्षा ने मुझे बुलाया, तो में ऊपर गया, तो रक्षा और सोनल दोनों मेरा इंतज़ार कर रही थी। फिर रक्षा ने मुझसे पूछा कि कल रात कैसा लगा? तो मैने कहा कि बहुत मज़ा आया, ऐसा तो पहले कभी नहीं आया। फिर सोनल बोली कि असली मज़ा तो अभी बाकी है, बोलो करना है। तो में कुछ नहीं बोला क्योंकि में सोनल दीदी से हमेशा से डरता था। फिर रक्षा ने दरवाजा बंद किया और मेरे पास आई। अब रूम में एक पर्दा लगा हुआ था, फिर सोनल उसके पीछे गयी और रक्षा ने आकर मुझे चूमना शुरू कर दिया। फिर मैंने भी उसका साथ दिया, जो मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था। अब वो हो रहा था, मान लो कि जैसे कज़िन ही मेरे लिए अलादीन का चिराग बन गयी हो और खुद ही जिन बन गयी हो, जो मेरे सपने पूरे करने लगी हो।

अब रक्षा ने पंजाबी ड्रेस पहना हुआ था, जो ब्राउन कलर का था, जो मेरा पसंदीदा कलर है और वो उस पर बहुत ही अच्छा लग रहा था। अब किस करते-करते उसने मेरे लंड को पकड़ लिया था और उसे सहलाने लगी थी और मेरी पेंट को खोल दिया था। अब में सिर्फ़ अंडरवेयर और टी-शर्ट में था। फिर मैंने भी उसके पीछे कूल्हों पर अपने हाथ रखे और दबाया, जिससे उसकी चूत मेरे लंड के करीब आ गयी। फिर मैंने उसका नाडा खोल दिया, अब वो टॉप और पेंटी में थी, वो क्या सेक्सी लग रही थी? फिर हमने थोड़ा भी टाईम वेस्ट किए बिना अपने कपड़े निकाल दिए। फिर रक्षा ने मेरी टी-शर्ट निकाली, तो इतने में ही सोनल मेरे पीछे से आ गयी और मेरा अंडरवियर उतार दिया। अब मेरा लंड उनके सामने सलाम कर रहा था। फिर रक्षा ने अपने सारे कपड़े निकाल दिए, जो अब मेरे सामने थी और मेरे पीछे सोनल थी।

उस रूम में एक छोटा सा टेबल था, तो रक्षा ने वो लिया और अपने पेट के बल उस पर झुक गयी, जिससे उसकी चूत मेरे सामने हो गयी। फिर रक्षा ने मुझसे कहा कि जल्दी से अब अंदर डालो वरना में मर जाउंगी। फिर मैंने अपना लंड पकड़कर उसकी चूत पर रगड़ा तो वो मेरे लंड को अंदर लेने ले लिए तड़प रही थी। फिर मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखकर एक ज़ोर से धक्का मारा, जिससे मेरा थोड़ा सा लंड उसकी चूत में चला गया और उसके मुँह से आवाज़ निकल गयी। अब सोनल एक तरफ ये सब देखकर अपने सारे कपड़े निकालकर मास्टरबेशन कर रही थी। फिर वो रक्षा के मुँह के पास गयी और अपनी चूत उसके मुँह के पास कर दी और रक्षा ने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया और यहाँ मैंने धक्के मारने शुरू कर दिए। अब मेरा आधा ही लंड उसकी चूत में गया था, मैंने ब्लू फिल्म देखी थी इसलिए मुझे उस वक्त थोड़ी बहुत जानकारी थी, लेकिन मेरा पूरा लंड उसमें जा नहीं रहा था और रक्षा बैचेन हो रही थी। अब मेरा लंड थोड़ा जाता और में जैसे ही शॉट मारने जाता तो मेरा लंड बाहर आ जाता। ऐसा दो तीन बार हुआ, जिससे रक्षा मुझ पर गुस्सा हो गयी।

फिर सोनल ने कहा कि तुम हट जाओ, में संभालती हूँ। फिर सोनल ने मुझसे कहा कि छोटू तू सोजा और उसने मेरे ऊपर आकर मेरे लंड को पकड़ा और बोली कि वाह रे छोटू तेरा लंड तो बहुत अच्छा है ना, बहुत जान है ना इसमें तो तू जितना हैंडसम है उससे भी ज़्यादा तेरा लंड हैंडसम है, आज नहीं छोडूंगी इसे, तुने बहुत तड़पाया है। फिर सोनल ने अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत के मुँह के पास रखा और अपने हाथ का सपोर्ट रखकर ऊपर से झटका मारा, जिससे उसकी चूत में मेरे लंड का सुपाड़ा चला गया। तो उसे थोड़ा सा दर्द हुआ, लेकिन उसे चूत की प्यास बुझानी थी, इसके सामने ये दर्द कुछ नहीं था। अब मेरा आधा लंड जाने के बाद उसके मुँह में से हल्की सी चीख निकल गयी थी और साथ में आहह आआआआहहहाययईईईईईईई माआआआआआ करने लगी और रुक गयी।

फिर तब मैंने नीचे से एक झटका मारा, तो वो चीख पड़ी आह में मर गइईईईईईईईईईईईईईईईईई और फिर ऐसे ही मैंने दो चार झटके मारे। तो वो भी मेरे साथ में ही शुरू हो गयी और उसका मोनिंग पूरे रूम को और सेक्सी बना रहा था, जिससे में और भी मदहोश हो गया था। फिर यह सब देखकर रक्षा से कंट्रोल नहीं हुआ और वो भी मेरी छाती पर आकर झुक गयी, जिससे उसके चूतड़ सोनल के करीब आ गये और उसके बूब्स मेरे मुँह के पास आ गये। अब सोनल ने अपनी उंगली रक्षा की चूत में डालकर अपनी उंगली से चुदाई चालू कर दी थी और में भी उसके बूब्स सक करने लगा था, मुझे बूब्स चुसना बहुत पसंद है। अब रक्षा ने भी मौन करना शुरू कर दिया था और पता नहीं क्या-क्या बडबड़ाने लगी थी? और मेरे सिर के नीचे अपना हाथ रखकर अपनी ब्रेस्ट दबाने लगी और बोलने लगी कि जल्दी और जल्दी चूसो, जल्दी और अपने चूतड़ हिलाते-हिलाते सोनल से भी कहती दीदी और जल्दी मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा है, में झड़ने वाली हूँ दीदी, प्लीज सक्ककककककककककक, मेरी चूत चाटो प्लीज।

अब सोनल ने भी अपनी उंगली की स्पीड तेज कर दी थी और उसने शॉट मारने की अपनी स्पीड बढ़ा दी और साथ में आआअ, आआअ, यसस्सस्स, आआ, ओह-ओह करते करते वो झड़ गयी और शांत हो गयी, लेकिन रक्षा और मेरा अभी बाकी था। फिर रक्षा ने सोनल से कहा कि दीदी मुझे चुदवाना है, प्लीज कोई आ जायेगा, आपका तो हो गया अब मुझे करवाने दो और फिर सोनल हट गयी और रक्षा ने मोर्चा संभाला। तो मैंने रक्षा से कहा कि तुम नीचे आ जाओ, में तुम्हारे ऊपर चढ़ जाता हूँ। तो रक्षा बोली कि नहीं मुझे ऊपर चढ़कर करना है, तुम फिर से मेरा मूड बिगाड़ दोगे तो तुम बाद में ऊपर से करना और फिर वो मेरे ऊपर आ गयी और मेरे लंड को पकड़कर एक ही झटके में पूरा का पूरा अंदर ले लिया और साथ में मौन करने लगी, थैंक्स दीदी हाईईईईईईईईईई। अब में भी साथ में उसके ज़ोर से शॉर्ट मारने लगा था और वो भी स्पीड से हिल रही थी। अब ये देखकर तो में और पागल हो रहा था।

फिर सोनल मेरे पास आई और किस करने लगी, अब में भी उत्तेजना की चरम सीमा पर था। फिर इतने में रक्षा बोली कि मेरा निकल रहा है प्लीज भाईईईईईईईईईईई और स्पीड से करो, ऊऊऊऊऊऊऊ, आआअ और तेज-तेज, आआआआ, आआआ करते-करते उसने अपना सारा माल निकाल दिया और अब मेरा भी निकलने वाला था तो मैंने रक्षा से कहा कि अब मेरा भी निकलने वाला है, तो मैंने अपनी स्पीड और तेज कर दी। फिर रक्षा ने कहा कि नहीं भैया तुम बाहर निकाल दो और ऐसा बोलकर वो हट गयी। फिर सोनल ने मेरा लंड पकड़ा और अपने मुँह में ले लिया और सक करने लगी। तो मैंने सोनल का सिर पकड़ लिया और में भी शॉट मारने लगा और फिर मैंने उसका सिर और ज़ोर से दबाया। तो वो समझ गयी कि में झड़ने वाला हूँ। मैंने अपना लंड बाहर निकालने की कोशिश की तो सोनल ने इशारे से मना कर दिया और में उसके मुँह में ही झड़ गया और मेरे झड़ने के बाद सोनल ने मेरे लंड को सक करके साफ कर दिया। फिर उसके बाद मैंने और दो बार उस दिन उसकी चुदाई की। फिर उसके बाद उन दोनों की शादी हो गयी। अब मुझे जब कभी भी कोई मौका मिलता है तो में उन दोनों की चुदाई करता हूँ और खूब इन्जॉय करता हूँ ।।

धन्यवाद …


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